पलायन थामने को पशुपालन को बढ़ावा।

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मुख्यमंत्री धामी की दूरदर्शी नीतियों से बढ़ा स्वरोजगार।

मुख्यमंत्री पशुधन मिशन योजना से बढ़ेगी पशुपालकों की आय

देहरादून 12 मार्च 2024। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उत्तराखंड राज्य ने नए आयाम स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री की दूरदर्शी नीतियां राज्य में पलायन को रोकने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जुड़ी योजनाओं को बढ़ावा मिलने से स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं। अब मुख्यमंत्री पशुधन मिशन योजना पशुपालकों की आर्थिकी को सुधारने में काफी हद तक कारगर होगी।

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पर्वतीय राज्य उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में किसानों, पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों का अहम योगदान है। मुख्यमंत्री धामी ने इस वर्ग को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाने के निर्देश दिए हैं। धामी सरकार की योजनाओं की बदौलत आज दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों की आर्थिकी को नए आयाम मिले हैं। प्रदेश में दूध के उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। राज्य में वर्ष 2020-21 में दूध का उत्पादन एक लाख 90 हजार लीटर प्रतिदिन था, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर करीब 2 लाख 90 हजार लीटर प्रतिदिन पहुंच गया है।

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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए पशु सखी योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत पशु सखी के रूप में नियुक्त महिलाएं विभाग और पशुपालकों के बीच तालमेल बनाते हुए पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही हैं। इसी प्रकार कुक्कुट वैली योजना के तहत मुर्गी पालक स्वरोजगार से जुड़े हैं। गोट वैली योजना के तहत राज्य में बकरी के दूध और मांस को एक ब्रांड के रूप में स्थापित किया गया है। इसमें
पात्र लोगों को रियायती दरों पर बकरियां दी जा रही हैं। भूसा योजना के तहत दुग्ध उत्पादन से जुड़े हजारों लोगों को रियायती दरों पर भूसा उपलब्ध कराया जा रहा है।

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अब राष्ट्रीय पशुधन मिशन की तर्ज पर मुख्यमंत्री पशुधन मिशन योजना संचालित किए जाने से पशुपालकों की आर्थिकी में सुधार होगा। योजना के तहत पशुपालकों को बैंकों से लिए गए ऋण पर 90 फीसदी ब्याज छूट दी जाएगी।


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