जनकवि अतुल शर्मा का आत्मकथा दून जो बचपन मे देखा” आया सामने।

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देहरादून 29 अप्रैल 2023।
दून जो बचपन मे देखा” यह जनकवि डा अतुल शर्मा की आत्मकथा का पहला भाग है ।

इस पुस्तक मे डा अतुल शर्मा ने उस पुराने देहरादून की स्मृतियों को लिखा है जो अब सपने की तरह हो गयी है ।

आज चार बजे इस पुस्तक को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को उनके निवास पर भेट किया गया तो वे भी उस समय के दून की यादे बताने लगे साथ मे समाजिक और राजनैतिक नेता रविन्द्र जुगरान भी उपस्थित रहे ।उन्होंने इस पुस्तक को बहुत ही रोचक और आवश्यक बताया।

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कहानीकार रेखा शर्मा ने देहरादून के उस समय को याद किया कि जब यहां चाय और लीची के बागान थे तो कवयित्री रंजना शर्मा ने इसे उस समय से जोड़ दिया जब यहाँ तागे चलते थे ।

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लेखक डा अतुल शर्मा ने बताया कि यहां बाउंड्री वाल की जगह झाड़ियां होती थीं।

पल्टन बाजार की एक तरफ से नहर जाती थी जो मच्छी बाजार से गुजरती थी । वहां आज भी नहरों वाली गली के नाम से इलाका है ।

यह नहर गुरु राम राय दरबार के तालाब मे गिरती थी । बताते है कि यह नहर राजपुर से आती थी जिसे रानी कर्णावती ने बनवाया था ।

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इस्टकैनाल रोड की प्रसिद्ध नहर मन मोहती थी जो अब ढक दी गयी है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्मृति है।

इस पुस्तक मे बचपन ने देखा दून अब परिकथा सा लगता है।उस समय के व्यक्ति मौसम, पशु पक्षी, मकानो और देहात का वर्णन है जो अविस्मरणीय है ।
लेखक को इस पुस्तक के लिए बधाई दी गयी।

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