जनकवि अतुल शर्मा का आत्मकथा दून जो बचपन मे देखा” आया सामने।

0
IMG-20230429-WA0027
Spread the love

देहरादून 29 अप्रैल 2023।
दून जो बचपन मे देखा” यह जनकवि डा अतुल शर्मा की आत्मकथा का पहला भाग है ।

इस पुस्तक मे डा अतुल शर्मा ने उस पुराने देहरादून की स्मृतियों को लिखा है जो अब सपने की तरह हो गयी है ।

आज चार बजे इस पुस्तक को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को उनके निवास पर भेट किया गया तो वे भी उस समय के दून की यादे बताने लगे साथ मे समाजिक और राजनैतिक नेता रविन्द्र जुगरान भी उपस्थित रहे ।उन्होंने इस पुस्तक को बहुत ही रोचक और आवश्यक बताया।

यह भी पढ़ें -  मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की ₹ 257 करोड की वित्तीय स्वीकृति

कहानीकार रेखा शर्मा ने देहरादून के उस समय को याद किया कि जब यहां चाय और लीची के बागान थे तो कवयित्री रंजना शर्मा ने इसे उस समय से जोड़ दिया जब यहाँ तागे चलते थे ।

यह भी पढ़ें -  कोटद्वार आगमन पर विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण का भव्य स्वागत।

लेखक डा अतुल शर्मा ने बताया कि यहां बाउंड्री वाल की जगह झाड़ियां होती थीं।

पल्टन बाजार की एक तरफ से नहर जाती थी जो मच्छी बाजार से गुजरती थी । वहां आज भी नहरों वाली गली के नाम से इलाका है ।

यह नहर गुरु राम राय दरबार के तालाब मे गिरती थी । बताते है कि यह नहर राजपुर से आती थी जिसे रानी कर्णावती ने बनवाया था ।

यह भी पढ़ें -  केन्द्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सशक्त रोडमैप : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

इस्टकैनाल रोड की प्रसिद्ध नहर मन मोहती थी जो अब ढक दी गयी है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्मृति है।

इस पुस्तक मे बचपन ने देखा दून अब परिकथा सा लगता है।उस समय के व्यक्ति मौसम, पशु पक्षी, मकानो और देहात का वर्णन है जो अविस्मरणीय है ।
लेखक को इस पुस्तक के लिए बधाई दी गयी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page