इस परिवार पर मुसीबतों का टूटा पहाड़😥 पहले घर का मुखिया चला गया😭 फिर मकान ध्वस्त हो गया इतना ही नहीं मकान में दबकर बच्चा घायल हो गया

0
IMG_20210913_192040
Spread the love

कैसे इस गरीब परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा, पहले घर का मुखिया चल बसा और अब सर छिपाने के लिए मकान भी ढह गया, इतना ही नही कच्चे मकान की दीवार परिवार के एक बच्चे के ऊपर भी गिर गई जिसमें बच्चा बुरी तरह जख्मी हो गया, अब दुःखी परिवार बच्चे के इलाज और सर छिपाने के लिए मकान की आस लगाए जनप्रतिनिधियों की ओर देख रहा है। सरकारी योजनाएं भी इस परिवार के जख्मों को नही भर पा रही हैं, लगता है जनप्रतिनिधियों के दावे भी पानी मे खुदकुशी कर गए, सहारा खोने के बाद दो बच्चो के साथ महिला मानो सबकुछ खो बैठी।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड का पूर्ण साक्षर राज्य बनना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गौरव की उपलब्धि : मुख्यमंत्री

स्लग– मुसीबतों का टूटा पहा

दरअसल मामला रूड़की से सटे खानपुर विधानसभा के ढंडेरा स्थित मिलापनगर का है। जहां एक गरीब परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ इस कदर कहर बनकर बरसा की सर छिपाने का आशियाना तक छिन गया, दरअसल मिलापनगर निवासी एक महिला अपने पति और दो बच्चों के साथ कच्चे मकान में अपना जीवन यापन कर रही थी, अक्सर बरसात के दिनों में उसके मकान में पानी भर जाया करता था, अभी कुछ समय पहले परिवार के मुखिया का निधन हो गया तब महिला के परिजन उसको और दोनों बच्चो को अपने साथ ले गए, कुछ दिन अपने मायके रहने के बाद जब महिला अपने दोनों बच्चो को लेकर वापस लौटी तो कच्चा मकान बरसात के कारण गिर चुका था, हिम्मत जुटाकर महिला ने बच्चो के साथ टूटे मकान की सफाई करना शुरू किया तो मकान की दीवार एक बच्चे पर गिर गई, जिसमे बच्चा गम्भीर रूप से घायल हो गया, जिसे पड़ोसियों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के लिए एक बड़ी रकम का बोझ भी सर पर आन खड़ा हो गया।

यह भी पढ़ें -  देहरादून: राज्यसभा प्रत्याशी दिनेश आर्य के नामांकन पर सीएम धामी का कांग्रेस पर हमला, बोले- दलित समाज को सिर्फ नारों से ठगा।

पीड़ित महिला ने बताया कि बरसात के दिनों में अक्सर उनके मकान में पानी भर जाया करता था जिसको लेकर प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों के कई बार चक्कर लगाए लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। महिला ने बताया कि पानी भरने के कारण उनका मकान ढह गया और साफ सफाई करने के दौरान मकान की दीवार उसके बच्चे पर गिर गई, पीड़ित महिला मदद के लिए आस लगाए बैठी है। हालांकि पड़ोसियों द्वारा महिला की मदद की जा रही है लेकिन तमाम तरह के वायदे करने वाले जनप्रतिनिधि गायब है, ऐसे में सरकारी योजनाओं का बखान करने वाले नेता इस परिवार के लिए मात्र सफेद हाथी के अलावा कुछ नही। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस दुखी परिवार की मदद के लिए कौन आगे आता है l

यह भी पढ़ें -  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और राष्ट सेवा के के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सीएम धामी ने उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ मंदिर में की विशेष पूजा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page