ग्राम-चवथ में गुलदार द्वारा व्यक्ति को मृत किये जाने पर क्षेत्र में गुलदार को पिंजड़े में पकड़ने व ट्रैक्यूलाईज कर पकड़ने व अंतिम विकल्प के रूप में गुलदार को नष्ट करने की अनुमति प्रदान करने के संबंध में।

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गढ़वाल वन प्रभाग में गुलदार के हमले के बाद सुरक्षा हेतु महत्वपूर्ण निर्णय; दो स्थानीय अनुभवी शिकारियों को सहायता के लिए अनुमति प्रदान

पौड़ी गढ़वाल, 08 दिसम्बर 2025:

​गढ़वाल वन प्रभाग की पौड़ी रेंज के अन्तर्गत ग्राम गजल्ड में हाल ही में हुए गुलदार के हमले में एक व्यक्ति की मृत्यु के उपरांत, वन विभाग ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की इस विकट समस्या से निपटने और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की है।

​बीते 04 दिसम्बर 2025 को ग्राम गजल्ड निवासी श्री राजेंद्र नौटियाल (42 वर्ष) की गुलदार के हमले में दुखद मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों द्वारा तत्काल सुरक्षा की मांग की जा रही है।

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उच्चाधिकारियों का स्थलीय निरीक्षण

​इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, प्रमुख सचिव (वन एवं पर्यावरण), उत्तराखण्ड शासन, आयुक्त कुमाऊँ जोन तथा मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी पौड़ी और प्रभागीय वनाधिकारी भी उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों से विस्तृत चर्चा के बाद यह पाया गया कि ग्रामीणों की सबसे प्रमुख मांग गुलदार से तत्काल सुरक्षा दिलाने की है।

स्थानीय शिकारियों की सेवाएँ लेने का निर्णय

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​हालांकि, वन विभाग के कर्मियों द्वारा गुलदार को पिंजरे में पकड़ने और ट्रैक्यूलाईज करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। जनहित और जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, जनपद पौड़ी में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि विभागीय टीमों की सहायता के लिए दो अनुभवी स्थानीय शिकारियों की सेवाएँ ली जाएंगी।

​जिन्हें अनुमति प्रदान की गई है, वे हैं:

  1. श्री जॉय हयुकिल, चोपड़ा, पौड़ी गढ़वाल।
  2. श्री राकेश चंद्र बड़थ्वाल, (सेवानिवृत्त सहायक जिला पंचायत अधिकारी), समीप सर्किट हाउस, पौड़ी गढ़वाल।

​ये दोनों व्यक्ति इस प्रकार के कार्यों के लिए अनुभवी हैं और स्थानीय परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं। इन्हें मानव जीवन के लिए खतरनाक हो चुके प्रश्नगत गुलदार से ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान करने में योगदान देने की अनुमति दी गई है।

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​यह अनुमति आदेश संख्या 1900/6-28 दिनांक 04 दिसम्बर 2025 के तहत जारी किया गया है और इसकी अवधि (18 दिसम्बर 2025) को आवश्यकतानुसार बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।

वन विभाग ने क्षेत्र के सभी निवासियों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और सूर्यास्त के बाद अकेले घर से बाहर न निकलें।

जारीकर्ता:

मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, गढ़वाल

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