हल्द्वानी में व्यापारियों के हित में CM धामी का बड़ा ऐलान, 8 महत्वपूर्ण घोषणाओं से व्यापार जगत को मिलेगी राहत।
प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाओं को बताया सरकार की प्राथमिकता
आपदा प्रभावित कारोबारियों को राहत, पर्यटन पंजीकरण में सरलता, चारधाम मार्ग पर पार्किंग और बाजारों में सड़क-नालियों के सुधार पर जोर
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन में व्यापारियों के हित में आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए स्पष्ट किया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में व्यापारी वर्ग की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा, सम्मान तथा हितों की रक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित सम्मेलन का मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर से पहुंचे व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापारी केवल खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय बाजारों को मजबूती देने और राज्य की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
व्यापारियों के लिए 8 बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और कारोबार को सुगम बनाने के उद्देश्य से आठ प्रमुख घोषणाएं कीं।
- आपदा प्रभावित व्यापारियों को राहत: प्राकृतिक आपदा और अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन: राज्य और जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान हो सके।
- दुर्घटना बीमा का प्रचार-प्रसार: जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार किया जाएगा, जिससे पात्र व्यापारियों के आश्रित बीमा दावों की प्रक्रिया समय पर पूरी कर सकें।
- पर्यटन पंजीकरण होगा आसान: पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी।
- होमस्टे सुविधाओं का विस्तार: पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिलें।
- चारधाम यात्रा मार्ग पर पार्किंग: यात्रियों और व्यापारियों की सुविधा के लिए चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग विकसित की जाएगी।
- बाजारों में सड़क और नालियों की मरम्मत: राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़क एवं नालियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
26 विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यापार और निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य व्यापारियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं और सरकारी कार्यालयों के चक्कर से राहत दिलाना है। व्यापारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और उनके साथ नियमित संवाद स्थापित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड से स्टार्टअप को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड में स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्टार्टअप नीति के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्योगों और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिह्नित की गई है। सरकार चाहती है कि स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलें तथा प्रदेश के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो।
व्यापारी विकास के भागीदार, केवल करदाता नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भागीदार मानती है। कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई थी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार की अहम भूमिका है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के व्यापारियों को स्थानीय बाजारों के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान बनाने के अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से उत्तराखण्ड को विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त राज्य बनाने का संकल्प पूरा किया जाएगा।
स्मारिका का विमोचन, व्यापारी प्रतिनिधि सम्मानित
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया और व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत एवं सरिता आर्या, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी विवेक राय सहित व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


