मुख्यमंत्री धामी ने गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर की 161 वां जन्मोत्सव दिवस पर उत्तराखंड वासियों को बधाई दी।

0
IMG_20220508_172726
Spread the love

उत्तराखंड/ नैनीताल, संवाददाता – ललित जोशी

सरोवर नगरी नैनीताल से दूर जनपद नैनीताल के भीमताल विधानसभा क्षेत्र रामगढ़ मे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व उनकी पत्नी गीता धामी रा.इ.का. मल्ला रामगढ़ मैदान नैनीताल पहुंचे।

जहां पर छात्र-छात्राओं पार्टी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों द्वारा मुख्यमंत्री का फूल मालाओं
से स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी


मुख्यमंत्री शान्ति निकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया के तत्वाधान में आयोजित हो रहे ’ भारतीय संस्कृति के सर्वश्रेष्ठ रूप, साहित्य के उज्जवल नक्षत्र दार्शनिक, समाज सुधारक एवं नोबेल पुरस्कार से सम्मानित गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 161 वां जयंती के शुभ अवसर पर आयोजित रविंदर जन्मोत्सव-2022 मे पत्नी श्रीमती गीता धामी के साथ बतौर मुख्य अतिथि के रूप शामिल हुए।

यह भी पढ़ें -  सावन के शुभारंभ पर 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंजा हरिद्वार, हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई कांवड़ यात्रा


कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करते हुए किया।

इस अवसर पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामगढ़ की छात्राओ द्वारा सरस्वती वंदना के गीतों को गाया।

श्री धामी ने गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर की 161 वां जन्मोत्सव दिवस पर उत्तराखंड वासियों को बधाई दी।

व रामगढ़ विश्व भारती केंद्रीय विश्वाविद्यालय के प्रथम परिसर का भी भूमि पूजन किया ।
इस अवसर पर रविंद-सृजनिका नामक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।

उन्होंने कहा यह भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उत्तराखंड को विश्वविद्यालय अनुपम सौगात मिली है,।

उनकी सरकार विकल्प रहित संकल्प के मंत्र पर अग्रसर है एवं राज्य की आवाम कल्याण को समर्पित है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार जनकल्याण की भावना के अनुरूप लगातार प्रदेश का चहुमुखी विकास कर रही है।

यह भी पढ़ें -  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹14 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृतियां।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का राज्य के प्रति गहरा लगाव,
श्री धामी ने कहा की उनकी सरकार सबका साथ एवं सबका विकास के तहत कार्य करने के लिए दृढ़ संकल्पित है ।

धामी ने कहा कि रामगढ़ क्षेत्र के टैगोर टॉप स्थित गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कर्म स्थली जहां उन्होंने 19वीं शताब्दी में 5 बार यहां प्रस्थान कर अपनी चर्चित कविता संग्रह शिशु सहित गीतांजलि के कुछ भागों की रचना की। जिसके लिए उन्हें 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला जो किसी एशियाई को पहला नोबेल पुरस्कार था।

उन्होंने कहा कि विश्व भारतीय केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का रामगढ़ में रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के परिसर की स्थापना में अपनी रुचि व्यक्त की है वह उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है।

यह भी पढ़ें -  मंदिर के जंगल में गड्ढे में दबे मिले दो साधुओं के शव.


श्री धामी ने कहा कि इस सौगात से जहां विश्व भारती केंद्रीय विश्वविद्यालय उत्तराखंड को भारत के प्रमुख शिक्षा केन्द्र के रूप में स्थापित होने का अवसर प्राप्त होगा । वहीं स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे, तथा यह राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटकों एवं शोधार्थियों के लिए भी नया गंतव्य बनेगा।

कार्यक्रम के दौरान संयोजक प्रोफ़ेसर अतुल जोशी, क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैड़ा, पूर्व विदेश सचिव शशांक, देवेंद्र ढेला देवेंद्र बिष्ट, भाजपा के मंडल अध्यक्ष कुंदन चिलवाल आदि जनप्रतिनिधि द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page