अंकिता भंडारी हत्याकांड: 24 घंटे में तीनों आरोपी गिरफ्तार, 88 दिन में जांच पूरी; दोषियों को उम्रकैद।

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देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलिस की जांच, साक्ष्य संकलन और न्यायिक कार्यवाही को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने विस्तृत जानकारी दी। गुरुवार को पुलिस मुख्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में तीनों दोषियों को न्यायालय ने आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित हुई एसआईटी

डॉ. वी. मुरुगेशन ने बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत युवती स्वर्गीय अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। जांच की जिम्मेदारी डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई, ताकि मामले की निष्पक्ष, गहन और प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सके।

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डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों का किया गया विश्लेषण

एडीजी के अनुसार, एसआईटी ने जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्यों का विस्तृत संकलन किया। इसके साथ ही अभियुक्तों से पूछताछ, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों का गहन विश्लेषण किया गया।

उन्होंने बताया कि एसआईटी ने महज 88 दिनों में जांच पूरी कर लगभग 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों को अभियोजन पक्ष की पैरवी के लिए महत्वपूर्ण आधार बनाया गया।

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तीनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास

डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि मामले की त्वरित सुनवाई और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर से आवश्यक प्रयास किए गए। एसआईटी द्वारा संकलित साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 30 मई 2025 को तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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उन्होंने बताया कि तीनों दोषी वर्तमान में जेल में बंद हैं और आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

जांच से सजा तक पुलिस की कार्रवाई पर दी जानकारी

प्रेस वार्ता के दौरान एडीजी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में घटना के खुलासे से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी, एसआईटी जांच, आरोपपत्र दाखिल करने और न्यायालय में हुई सुनवाई तक की प्रमुख प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले में जांच और अभियोजन की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया गया, जिसके बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

नोट: यह समाचार पुलिस मुख्यालय में एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है।

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