श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में मरीज़ को लगा दुनिया का सबसे छोटा लीडलैस पेसमेकर।  मेसमेकर का वजन मात्र 2 ग्राम व साइज़ में पेसमेकर एक बड़े विटामिन कैप्सूल के आकार के बराबर।  मेडिकल साइंस में इसे कहते हैं माइक्रा ट्रांसकैथेटर पेसिंग सिस्टम ।

0
IMG-20230415-WA0036
Spread the love

शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय।
देहरादून 15 अप्रैल 2023। श्री महंत इन्दिरेश असप्ताल के काॅर्डियोलाॅजी विभाग में ह्दयरोगी को दुनिया का सबसे छोटा लीडलैस पेसमेकर लगाया गया।

45 वर्षीय महिला को लंबे समय से ह्दय रोग की समस्या थी। काॅर्डियोलाॅजी विभाग के प्रुमुख डाॅ (कर्नल) सलिल गर्ग व उनकी टीम ने पेसमेकर माइक्रा इम्प्लांट प्रोसीजर कर महिला ह्दय रोगी का सफल उपचार किया।

यह भी पढ़ें -  सचिव आपदा प्रबंधन ने की राज्य में बारिश तथा बर्फबारी से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा,अधिकारियों को 24 * 7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने काॅर्डियोलाॅजी की टीम को बधाई दी।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के वरिष्ठ काॅर्डियोलाॅजिस्ट एवम् विभागाध्यक्ष डाॅ (कर्नल) सलिल गर्ग ने जानकारी दी कि इस मेसमेकर का वजन मात्र 2 ग्राम है व साइज़ में यह पेसमेकर एक बड़े विटामिन कैप्सूल के आकार के बराबर है। मेडिकल साइंस में इसे माइक्रा ट्रांसकैथेटर पेसिंग सिस्टम कहते हैं। दुनिया के ब्रेडिकाॅर्डिया के रोगियों के लिए यह मेसमेकर विश्व का सबसे छोटा पेसमेकर है। अभी तक यह पेसमेकर लगाने की सुुविधा देश के मैट्रों शहरों के नामचीन अस्पतालों में ही उपलब्ध थी। अब श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में यह सेवा उपलब्ध होने से मरीजों को काफी सुविधा मिलेगी। ईसीएचएस, ईएसआई व सीजीएचएस ब्रेडिकाॅर्डिया के रोगियों को नियमानुसार माइक्रा ट्रांसकैथेटर पेसिंग सिस्टम का लाभ उपलब्ध है।

यह भी पढ़ें -  "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सुशासन की ठोस और ऐतिहासिक उपलब्धि।

मरीज को पहले से एक पेसमेकर लगा हुआ था। संक्रमण की वजह से उस पेसमेकर को हटाया गया। डाॅक्टरों के सामने नया पेसमेकर लगाए जाने की चुनौती थी।

यह भी पढ़ें -  इंटर कॉलेज यमकेश्वर के नवनिर्मित दो मंजिला भवन के उद्घाटन के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यमकेश्वर पहुंचे।

माइक्रा ट्रांसकैथेटर पेसिंग सिस्टम लगाकर मरीज़ का सफलतापूर्वक काॅर्डियक उपचार किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page