2017 की आपदा में बही पुलिया का निर्माण अभीतक न होने से स्थानीय लोग परेशान।

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कोटद्वार। कोटद्वार विधानसभा के अन्तर्गत सनेह पट्टी कुम्भीचौड़ रतनपुर गांव में बने बरसाती गधेरे पर बना पुल 2017 में आई आपदा की भेंट चढ़ गया..जिसके बाद से अभी तक अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुल बने की जहमत नहीं समझी..


आपको बता दे कि लगभग 6 वर्ष पूर्व कोटद्वार की पहाड़ियों में भारी बारिश से बरसाती गधेरे जलमग्न हो गया मूसलाधार बारिश की बजह से गधेरे पर बने पुल पर पेड़ अटकने से पुल फलर्ड में बह गया जिसके बाद से अब तक पुल नहीं बन पाया..जबकि इस पुल पर 40-50 परिवार आवाजाही करते है.बरसात के समय मे लोगो को अपनी जान जोखिम में डालकर नाले से ही गुजरना पड़ता है.ओर स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधि कोई सुनने को तैयार नही है।

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इस दौरान स्थानीय लोगों का कहना है की पुल न होने की बजह से दूसरे लोगों के घरों से होकर गुजरना पड़ रहा है..दूसरे लोगों के घर से गुजरने पर लोग ऐतराज़ भी करते हैं..जब लोग ऐतराज़ करते हैं तो लोगों को गधेरे के रास्ते से गुजरने को मजबूर होना पड़ता है.. बरसात के समय गधेरे में पानी अधिक होने से लोगों को अपने घर आवागमन करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है..स्थानीय निवासी सुमन लता देवी ने बताया की 2017 की आपदा में पुल बह गया जिसके बाद से पूर्व विधायक कोटद्वार डा० हरक सिंह रावत व वर्तमान कोटद्वार विधायक ऋतु खंडूरी से पुल बनवाने की मांग कर चुके हैं लेकिन पूर्व विधायक व वर्तमान विधायक से आश्वासन ही मिला की पुल जल्द बनेगा.पुल न होने से स्थानीय लोगों को भारी सामान घर तक पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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इस दौरान स्थानीय विधायक ऋतु खंडूरी ने कहा कि आपदा में बहे सभी पुलों ओर पुलिया का निरीक्षण किया जाएगा.जिसके बाद निर्माण कार्य किया जाएगा।

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