प्रॉपर्टी के नाम पर 60 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले “बंटी बबली” गिरफ्तार

0
IMG_20230919_111106
Spread the love

   

उत्तराखंड में आशियाने व प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर बाहरी लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे बंटी बबली को पुलिस ने किया गिरफ्तार l

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को हरिद्वार में गंगा किनारे आशियाना बनाने का सपना दिखाकर करोड़ों रुपए की चपत लगाने वाले ऑक्टागन बिल्डर के मालिक और उसकी महिला साथी को आखिरकार पुलिस ने धर दबोचा।“बंटी-बबली” को गैंगेस्टर एक्ट में गिरफ्तार किया गया है।

लोगों की मेहनत की गाढ़ी कमाई को हड़पने के बाद आरोपी जमकर‌ ऐश करते थे। दोनों के खिलाफ 5 दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। SSP हरिद्वार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दोनों के कारनामों से पर्दा उठाया। मामले में जल्द ही आरोपियों की‌ सम्पत्ति भी जब्त की जाएंगी।

यह भी पढ़ें -  अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में "छात्र संसद 2025" का भव्य समापन।

अपनी गाढ़ी मेहनत की कमाई से शानदार लोकेशन पर प्लॉट खरीद कर अपना आशियाना तैयार करने की योजना बना रहे लोगों को सुहाने सपने दिखाकर ठगने वाले गैंग पर वार करते हुए हरिद्वार पुलिस ने गैंग लीडर और सहयोगी महिला को दबोचने में कामयाबी हासिल कर ठगी के शिकार हुए लोगों को रोशनी की किरण दिखाई है।

गिरफ्त में आया गैंग लीडर कुलदीप नन्दराजोग ने ऑक्टागन बिल्डर्स प्रा0लि0 के नाम से प्लॉटिंग कर जमीन बेचने की कम्पनी बनाई है।  कम्पनी की आड़ में जमीन बेचने के नाम पर धोखाधडी कर लोगों को ठगने का एक सुसंगठित गैग बना हुआ है। इस गैंग ने प्रथम दृष्टया कई व्यक्तियों से करीब 60 करोड रुपये की धोखाधडी की। गैंग में गैंग लीडर कुलदीप के अतिरिक्त सतपाल नन्दराजोग, अंजली त्यागी, संजीव गुप्ता, सौरभ गाँधी सक्रिय सदस्य है ।

यह भी पढ़ें -  दून यूनिवर्सिटी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने मुख्य अतिथि के रूप में किया प्रतिभाग ।

यह गैंग लीडर एवं इसके सदस्य लोगो से जमीन दिलाने के नाम पर पैसे लेकर धोखाधडी करते थे, जिसके सम्बन्ध मे अकेले थाना बहादराबाद में 45 जबकि उत्तर प्रदेश में 2 दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। गैंग लीडर व उसके सदस्यों के विरुद्ध प्लॉट के नाम पर पैसा लेने के शिकायते प्राप्त हो रही थी।  पुलिस का कहना है कि गैंग लीडर और उसके सदस्य अभ्यस्त अपराधी है.. गैंग के सदस्य एक निश्चित स्थान पर कॉलोनी बनाने व उसमे वर्ल्ड क्लॉस सुविधा का सपना दिखाकर लोगों से उनकी जमा पूंजी एडवांस व कॉलोनी के विकास के नाम पर पैसा लेकर उन्हें बार- बार रजिस्ट्री का समय देकर बाद में वही प्लॉट अन्य व्यक्ति को ज्यादा दामों मे बेचकर मुनाफा कमाया जाता था। जिससे सैकड़ों लोग बर्बादी की कगार पर आ गए थे।

यह भी पढ़ें -  माया देवी यूनिवर्सिटी ने मनाया 'पिंक संडे ऑन बाईसाइकिल'।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में दिया स्वस्थ रहने का संदेश।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page