अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन एवं टोकन के लिए विकसित की जाए प्रभावी व्यवस्था-मुख्यमंत्री।

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स्वास्थ्य संबंधी कार्डों की सही मॉनिटरिंग के लिए भी तैयार किया जाए प्लेटफॉर्म।

टेलीमेडिसिन की सुविधा के लिए हेल्पलाईन नम्बर 104 का व्यापक प्रचार किया जाए।

त्योहारों के सीजन के दृष्टिगत बरती जाए विशेष सतर्कता।

निर्माण कार्यों में विलंब के लिए जिम्मेदारी हो तय।

शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय।8210438343,9771609900
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि अस्पतालों में मरीजों को रजिस्ट्रेशन के लिए लंबी लाईनों में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन एवं टोकन की व्यवस्था के लिए सिस्टम विकसित किया जाए।

टेलीमेडिसिन की सुविधा के लिए हेल्पलाईन नम्बर 104 को जन जगारूकता के लिए व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए।

उत्तराखण्ड को जल्द क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए क्षय रोगियों को गोद लेने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को प्रेरित किया जाए, अगर किसी कार्य से लोग मन से जुड़ते हैं, तो उसमें सफलता प्राप्त होती है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जारी होने वाले आयुष्मान कार्ड, गोल्डन कार्ड, श्रम विभाग द्वारा जारी होने वाले कार्ड तथा स्वास्थ्य संबंधी अन्य कार्डों की सही मॉनिटरिंग के लिए उन्हें एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाए।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अभिनव पहल की जरूरत हैं, दूरस्थ क्षेत्रों में कार्य करने के लिए डॉक्टरों को प्रेरित किया जाए।

ब्लॉक एवं तहसील स्तर तक स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किये जाएं। ऐसी व्यवस्था की जाए कि नवजात शिशु के अस्पताल में जन्म होने पर उनके जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल से ही निर्गत हों।

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी अस्पतालों में स्वच्छता की उचित व्यवस्था हो। मरीजों को अस्पतालों में गुणवत्तायुक्त भोजन मिले। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल के बाद वायरल, डेंगू एवं मलेरिया का प्रकोप अधिक रहता है, इससे निपटने के लिए अस्पतालों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। त्योहारों के सीजन के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जो निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिन निर्माण कार्यों में विलंब हो रहा है, सबंधित कार्यदाई एजेंसियों के खिलाफ सख्त रूख अपनाया जाए एवं संबंधितों जिम्मेदारी भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब होने से लागत में भी वृद्धि होती है। उत्तराखण्ड को 2025 तक ड्रग्स फ्री राज्य बनाने के लिए सभी विभागों को सुनियोजित प्लानिंग करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में प्रतिमाह बैठक की जाए।

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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों में रोगी पंजीकरण शुल्क की समान व्यवस्था की जाए। ब्लॉक स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस को भी ध्यान में रखना होगा।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राज्य में स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न गतिविधियों की प्रजेन्टेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव अरूणेन्द्र चौहान, अमनदीप कौर, प्रभारी महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, प्रधानचार्य दून मेडिकल कॉलेज डॉ. आशुतोश सयाना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सरोज नैथानी एवं स्वास्थ्य विभाग के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।


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