ऋतु खण्डूडी भूषण ने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव से की मुलाकात, उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत पर की चर्चा
कण्वाश्रम, कोटद्वार की पक्षी संपदा और लोकनाट्य ‘रम्माण’ पर आधारित पुस्तकें भेंट कीं; राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी तरुण चुग से भी की शिष्टाचार भेंट
नई दिल्ली/देहरादून, 12 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने सोमवार को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव से शिष्टाचार भेंट की और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने राम माधव को उत्तराखंड का प्रदेश प्रभारी नियुक्त होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुलाकात के दौरान उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, पारंपरिक लोककलाओं और प्राकृतिक संपदा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
तीन पुस्तकों के माध्यम से उत्तराखंड की विरासत से कराया परिचित
भेंट के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने राम माधव को उत्तराखंड की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत को दर्शाने वाली तीन महत्वपूर्ण पुस्तकें भेंट कीं। इनमें ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’, ‘Vibrant Birds of Kotdwar’ और उत्तराखंड की प्रसिद्ध पारंपरिक लोकनाट्य कला ‘रम्माण’ पर आधारित पुस्तक शामिल हैं।

‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक के माध्यम से उन्होंने कोटद्वार क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व और भारतीय सांस्कृतिक चेतना से जुड़े कण्वाश्रम के संदर्भों को साझा किया। यह पुस्तक हाल ही में कला एवं कॉफी टेबल बुक श्रेणी में देशभर में प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है। इसे कोटद्वार की ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
वहीं, ‘Vibrant Birds of Kotdwar’ पुस्तक के माध्यम से कोटद्वार क्षेत्र की समृद्ध पक्षी संपदा, जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रस्तुत किया गया है। ‘रम्माण’ पर आधारित पुस्तक के जरिए उत्तराखंड की विशिष्ट लोकनाट्य परंपरा, लोकविश्वासों और पारंपरिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की जानकारी साझा की गई।

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर दिया जोर
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी समृद्ध लोकपरंपराएं, ऐतिहासिक स्थल, पारंपरिक कलाएं और सांस्कृतिक विरासत भी प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहें और उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त हो।
उन्होंने कोटद्वार क्षेत्र के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि कण्वाश्रम जैसी ऐतिहासिक धरोहर, क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और उत्तराखंड की पारंपरिक लोककलाएं प्रदेश की विविधतापूर्ण विरासत को प्रदर्शित करती हैं। पुस्तकों और अन्य प्रकाशनों के माध्यम से इस विरासत को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
इस दौरान कोटद्वार और उत्तराखंड प्रदेश से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

तरुण चुग से भी की शिष्टाचार भेंट
राम माधव से मुलाकात के बाद विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी तरुण चुग से भी शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।
उत्तराखंड की ऐतिहासिक पहचान, लोकसंस्कृति और प्राकृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में पुस्तकों के माध्यम से किया गया यह संवाद मुलाकात का प्रमुख आकर्षण रहा।