पिछड़ा वर्ग आयोग की सख्ती, 7 मामलों में सुनवाई कर विभागों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश।
पिछड़ा वर्ग आयोग की सख्ती, 7 मामलों में सुनवाई कर विभागों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
देहरादून, 17 मार्च। उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने लंबित शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए विभिन्न विभागों को त्वरित और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मा० अध्यक्ष श्री संजय नेगी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोग कार्यालय में आयोजित सुनवाई के दौरान कुल 7 शिकायती प्रकरणों पर विस्तार से विचार किया गया।
सुनवाई की शुरुआत में आयोग ने सभी शिकायतकर्ताओं का पक्ष विस्तार से सुना। हरिद्वार निवासी श्री मुकेश कुमार के नियुक्ति संबंधी मामले में उन्होंने बताया कि उनके पिता होमगार्ड विभाग में कार्यरत थे और सेवा के दौरान बीमारी के कारण उनका निधन हो गया। नियमों के अनुसार आश्रित कोटे के तहत नियुक्ति का प्रावधान होने के बावजूद उन्हें अब तक नौकरी नहीं दी गई है। विभाग की ओर से उपस्थित वैयक्तिक निरीक्षक श्री विनोद सिंह का पक्ष सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष ने असंतोष व्यक्त किया और विभाग को निर्देश दिए कि प्रकरण में मानवीय एवं सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए उचित निर्णय लिया जाए।
देहरादून के श्री मुस्ताक आलम के पुरानी पेंशन योजना से जुड़े मामले में लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि श्री जे.एस. रावत एवं शिकायतकर्ता उपस्थित रहे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने विभाग को निर्देशित किया कि इस मामले में कार्मिक एवं न्याय विभाग से परामर्श प्राप्त कर शीघ्र निस्तारण किया जाए।
हरिद्वार के श्री राजकुमार के नियुक्ति नियमितीकरण संबंधी प्रकरण में यह तथ्य सामने आया कि वे वर्ष 1996 से कन्हैया लाल पॉलिटेक्निक, रुड़की में संविदा के आधार पर कार्यरत हैं, लेकिन अब तक उनका विनियमितीकरण नहीं किया गया है। इस पर आयोग ने गंभीरता दिखाते हुए सदस्य श्री प्रहलाद चौधरी को स्वयं संस्थान जाकर प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए।
सेवानिवृत्त देयकों से संबंधित श्री हरपाल सिंह के मामले में विभागीय प्रतिनिधि श्री जगजीत सिंह ने आयोग को अवगत कराया कि शिकायतकर्ता के सभी भुगतान किए जा चुके हैं, केवल बोनस का भुगतान शेष है, जिसे शीघ्र जारी किया जाएगा।
वहीं, हरिद्वार की श्रीमती पलक सैनी के ऋण संबंधी प्रकरण में उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक के प्रतिनिधि श्री रोहित बडोला ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा।
इसके अतिरिक्त अन्य शिकायतों में भी संबंधित पक्षों को सुनते हुए आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। अध्यक्ष श्री संजय नेगी ने सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
सुनवाई के दौरान आयोग के सचिव श्री गोरधन सिंह, सदस्य श्री विनोद नाथ, श्री सतीश पाल, श्री मोहब्बत सिंह नेगी, श्री महेन्द्र कुमार वर्मा, श्री सज्जाद अहमद, श्री प्रहलाद चौधरी, डा० जैड०ए० अंसारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।