जाने कौन थे फादर ऑफ़ लाइब्रेरी साइंस।

0
IMG-20240812-WA0045
Spread the love

राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस आज।
पुस्तकालय विज्ञान के जनक पद्मश्री रंगनाथन। इन्हे फादर आफ लाईब्रेरी साइंस भी कहा जाता है।
उनका जन्म 1892 और निधन 1972 मे हुआ था।

पुस्तकालय के पांच सूत्र
रंगनाथन जी ने बनाये,,,,

ये इस प्रकार हैं,,,,
पुस्तके उपयोग के लिए
हर पुस्तक को पाठक मिले
हर पाठक को पुस्तक
पुस्तकालय वर्धन शील है
पाठको का समय बचे

यह भी पढ़ें -  ऑपरेशन प्रहार”- पुलिस महानिदेशक की हाईलेवल समीक्षा: अपराधियों और आसामाजिक तत्वों के विरुद्ध जारी रहेगा अभियान।

एम के पी कालेज के पुस्तकालय मे लगभग तीस वर्ष कार्य करने वाली रंजना शर्मा ने उक्त जानकारी दी। उन्होंने लाईब्रेरी साइंस का सर्टिफिकेट कोर्स लगभग 36 साल पहले किया था।

यह भी पढ़ें -  वार्ड नं० 38 झंडीचौड़ उत्तरी में ₹124 लाख की लागत से नलकूप एवं पम्पिंग कार्य का शिलान्यास, हजारों लोगों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल का लाभ।

उन्होंने बताया कि रंगनाथन बहुत सरल व्यक्ति थे। वे पुस्तकालय मे चप्पल उतारकर रहते थे। घर की तरह समझते थे पुस्तकालय को। सबसे पहले आते और सबके बाद जाते थे। मद्रास से वे नौ माह के लिए इंग्लैंड भी गये।
बहुत सी पुस्तके लिखीं।

यह भी पढ़ें -  “जनरल खण्डूडी का जीवन राष्ट्रसेवा और अनुशासन की मिसाल” — राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन

पुस्तकालय दिवस पर सबको शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने बताया कि आज मुद्रित पुस्तके तो हैं ही साथ मे उनका डिज़िटल रुप भी उपलब्ध है।
इस श्रेत्र मे बहुत प्रगति हुई है। परंतु पांच सूत्र या पांच नियम पुस्तकालय विज्ञान की धुरी हैं।

पुस्तकालय पुस्तकों का घर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page