ग्यारवें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ के शीतकालीन कपाट बन्द ।

0
IMG-20221027-WA0014
Spread the love

शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय।8210438343,9771609900
रुद्रप्रयाग 27 अक्टूबर 2022। ग्यारवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ भगवान के कपाट आज भैया दूज के पवित्र मौके पर सुबह 8:30 बजे केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग ने पूजा अर्चना के साथ वैदिक मंत्रोचार के बीच कपाट बंद किए।सुबह 4 बजे से ही कपाट बंद होने की पूजा पद्धति शुरू की गई ।अगले 6 महीने शीतकाल में केदारनाथ की पूजा अर्चना ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होगी।

यह भी पढ़ें -  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित स्वर्गीय हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खण्डूड़ी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इससे पहले भगवान की समाधि पूजा की गई। अब छह महीने शीतकाल में केदारनाथ की पूजा अर्चना ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होगी। सेना के बैंडों की मधुर धुनों के बीच हजारों भक्तों ने बाबा केदार के जयकारों के साथ डोली यात्रा को लेकर गौरीकुंड के लिए प्रस्थान किया। डोली पैदल यात्रा के प्रथम दिन आज रामपुर पहुंचेगी। जबकि इसके बाद गुप्तकाशी और फिर ऊखीमठ पहुंचेगी जहां बाबा की उत्सव डोली को मंदिर में विराजमान किया जाएगा।

यह भी पढ़ें -  आयोग में जनसुनवाई, 10 शिकायती प्रकरणों पर हुई सुनवाई, अध्यक्ष संजय नेगी ने अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश।

रुद्रप्रयाग। भैया दूज के पवित्र मौके पर सुबह 8:30 बजे भगवान केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग ने पूजा अर्चना के साथ वैदिक मंत्रोचार के बीच कपाट बंद किए।

छह महीने शीतकाल में केदारनाथ की पूजा अर्चना ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होगी।

इससे पहले भगवान की समाधि पूजा की गई। अब छह महीने शीतकाल में केदारनाथ की पूजा अर्चना ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होगी। सेना के बैंडों की मधुर धुनों के बीच हजारों भक्तों ने बाबा केदार के जयकारों के साथ डोली यात्रा को लेकर गौरीकुंड के लिए प्रस्थान किया। डोली पैदल यात्रा के प्रथम दिन आज रामपुर पहुंचेगी। जबकि इसके बाद गुप्तकाशी और फिर ऊखीमठ पहुंचेगी जहां बाबा की उत्सव डोली को मंदिर में विराजमान किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page