विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने 32 दिव्यांगजनों को किया सम्मानित।

0
IMG-20221203-WA0220
Spread the love

दिव्यांगजनों को राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार की धनराशि 5 हजार से बढ़ाकर 8 हजार दी जायेगी।

कृत्रिम अंग अनुदान की धनराशि 3500 रूपये से बढ़ाकर 7000 रूपये की जायेगी।

वृद्धावस्था पेंशन योजना की तरह ही दिव्यांग पेंशन योजना को सरलीकृत किया जायेगा।

दिव्यांगजनों को परीक्षाओं में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक में 5 प्रतिशत की छूट दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर की चार घोषणाएं।

शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर सुभाष रोड स्थित एक निजी हॉल में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार समारोह में दिव्यांगजनों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 32 दिव्यांगजनों को प्रशस्ति पत्र, मेडल, मान पत्र एवं 5-5 हजार की धनराशि देकर सम्मानित किया। जिसमें 10 उत्कृष्ट दिव्यांग कर्मचारी, 11 दक्ष दिव्यांग खिलाड़ी, 10 स्वतः रोजगार में रत दिव्यांगजन एवं 1 सेवायोजक अधिकारी शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों के बीच जाकर उनका हौंसला बढ़ाया।

यह भी पढ़ें -  कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून में ऑल इंडिया शहीद लेफ्टिनेंट गौतम बॉक्सिंग टूर्नामेंट का किया शुभारंभ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर दिव्यांगजनों के लिए चार घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि दक्ष दिव्यांग कर्मचारियां, उनके सेवायोजकों, स्वतः रोजगार से रत दिव्यांग व्यक्तियों एवं दिव्यांग व्यक्तियों के सेवायोजक अधिकारियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार के रूप में दी जाने वाली धनराशि 5 हजार रूपये से बढ़ाकर 8 हजार रूपये की जायेगी।

दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक यंत्र/उपकरण हेतु कृत्रिम अंग अनुदान की धनराशि 3500 रूपये से बढ़ाकर 7000 रूपये की जायेगी।

वृद्धावस्था पेंशन योजना की तरह ही दिव्यांग पेंशन योजना को सरलीकृत करते हुए ऐसे समस्त दिव्यांग भी पेंशन हेतु पात्र होंगे, जिनके पुत्र/पौत्र 20 वर्ष से अधिक आयु के हों। दिव्यांगजनों को परीक्षाओं में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक में 5 प्रतिशत की छूट दी जायेगी।

यह भी पढ़ें -  मसूरी विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 61 में पार्टी कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों के साथ कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सुना प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात का 120वां संस्करण।

मुख्यमंत्री ने राज्य दक्षता पुरस्कार 2022 से सम्मानित होने वाले सभी दक्ष कार्मिकों, सेवायोजकों को शुभकामना दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार सेवा और सहयोग के भाव के साथ दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए निरन्तर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं।

हम प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में दिव्यांग जनों को सामाजिक और आर्थिक दोनों क्षेत्रों में समानता का अधिकार दिलाने के लिए निरंतर कार्य हो रहे हैं। उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। हमारे दिव्यांगजन अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति एवं संकल्प के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में सराहनीय योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी सकारात्मक सोच एवं दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढे़, तो सब कुछ करना संभव है।

यह भी पढ़ें -  अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में "छात्र संसद 2025" का भव्य समापन।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों के कल्याणार्थ वर्ष 2022-23 में 155 करोड़ रूपये का प्राविधान किया है।

आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांग भाई-बहनों को 1500 रूपये की मासिक पेंशन दी जा रही है। दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को प्रतिमाह 700 रूपये का अनुदान भरण पोषण हेतु दिया जा रहा है। सरकारी नौकरियों में भी दिव्यांगजनों के लिए क्षैतिज आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया गया है। प्रत्येक जनपद में जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को सभी सरकारी योजनाओं को लाभ दिया जा रहा है। दिव्यांग से विवाह करने पर प्रोत्साहन के रूप में 25000 रूपये की धनराशि भी दी जा रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि हमारे दिव्यांगजन सदैव इसी उत्साह और उमंग के साथ राज्य की प्रगति और विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page