अष्टमी तिथि पर ग्रह, नक्षत्रों का ठीक वही संयोग बन रहा है जो द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण के जन्म पर पड़ा था… क्या होगा इस संयोग से जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

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कृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार बन रहा विशेष संयोग –

पूरे भारतवर्ष मैं कृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जा रही है घरों ब मंदिरों में छोटे बच्चे बालक और बालिकाओं को कृष्ण की तरह सजा कर श्री कृष्ण जन्माष्टमी हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष संयोग बन रहा है l


आपको बताते हैं इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी स्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जा रही है ज्योतिषियों की मानें तो अष्टमी तिथि पर ग्रहों, नक्षत्रों का ठीक वही संयोग बन रहा है, जो द्वापर युग में भगवान कृष्ण के जन्म के समय बना था। सात सौ साल पहले भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ऐसा संयोग बना था।

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हर साल भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। पर इस साल 29 अगस्त की रात 11.25 बजे से 30 अगस्त रात 1.59 बजे तक अष्टमी तिथि रहेगी। गणना के मुताबिक जन्माष्टमी का व्रत सोमवार 30 अगस्त को उत्तम रहेगा। चंद्रवंशी कृष्ण जयंती चंद्रमा के वार सोमवार को पड़ने से इसका प्रभाव ज्यादा मंगलकारी होगा। ज्योतिष के ज्ञाता का मानना है कि इस साल अष्टमी तिथि पर शनि ग्रह मकर राशि में, शुक्र व बुध ग्रह कन्या राशि में और सूर्य व मंगल सिंह राशि में होंगे। साथ ही गुरू भी कार्यक्षेत्र में रहेंगे। इस साल का यह संयोग अत्यंत शुभ होगा। 700 वर्ष पूर्व श्री कृष्ण के जन्म पर बना था यही संयोग l

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शुभ फल देने वाला है अष्टमी का संयोग –

इस साल कृष्ण जन्माष्टमी स्वार्थसिद्धि योग में मनाई जाएगी। स्वार्थसिद्धि योग में पूजापाठ करने पर ज्यादा पुझय मिलता है। इस दिन विवाहित महिलाओं द्वारा व्रत रखकर पूजा अर्चना करने से संतान प्राप्ति की कामना पूरी होती है।

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