हरिद्वार जमीन घोटाले में धामी सरकार का बड़ा एक्शन, IAS वरुण चौधरी की बर्खास्तगी की संस्तुति

0
file_00000000fa887206911cfcc779d98c7e
Spread the love

हरिद्वार जमीन घोटाले में धामी सरकार का बड़ा एक्शन, IAS वरुण चौधरी की बर्खास्तगी की संस्तुति

देहरादून/हरिद्वार। हरिद्वार नगर निगम के बहुचर्चित 54 करोड़ रुपये के जमीन खरीद घोटाले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। सरकार ने मामले में तत्कालीन नगर आयुक्त एवं आईएएस अधिकारी वरुण चौधरी को बर्खास्त करने की संस्तुति की है। वहीं तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह के खिलाफ मेजर पनिशमेंट की संस्तुति की गई है। इसके अलावा तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह को एडवर्स एंट्री देते हुए उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोक दी गई हैं।

यह भी पढ़ें -  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹14 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृतियां।

गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम से जुड़े करीब 54 करोड़ रुपये के जमीन खरीद प्रकरण ने वर्ष 2025 में व्यापक चर्चा बटोरी थी। आरोप था कि वर्ष 2024 के निकाय चुनावों के दौरान लागू आचार संहिता के बीच संबंधित भूमि का लैंड यूज बदला गया और बाद में उसी जमीन को नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये में खरीदा गया।

मामले के समय हरिद्वार नगर निगम का प्रशासनिक नियंत्रण प्रशासक के रूप में नगर आयुक्त के पास था और आईएएस अधिकारी वरुण चौधरी नगर आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जांच के दौरान विभिन्न स्तरों पर अनियमितताओं और प्रक्रियागत खामियों के संकेत मिलने के बाद सरकार ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की कार्रवाई शुरू की।

यह भी पढ़ें -  मंदिर के जंगल में गड्ढे में दबे मिले दो साधुओं के शव.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर की गई कार्रवाई के तहत तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी की बर्खास्तगी की संस्तुति की गई है। वहीं तत्कालीन डीएम कर्मेंद्र सिंह को गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ मेजर पनिशमेंट की संस्तुति की गई है। इसके अतिरिक्त तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह को एडवर्स एंट्री दी गई है तथा उनकी तीन वेतनवृद्धियां भी रोक दी गई हैं।

राज्य सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी लगातार जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर देते रहे हैं और इसी क्रम में यह कार्रवाई की गई है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में नकल माफियाओं पर एक और बड़ी कार्रवाई, यूटीयू सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र out करने के आरोप में सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को धामी सरकार के अब तक के सबसे बड़े प्रशासनिक एक्शनों में से एक माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में अन्य अधिकारियों और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page