शक्तिमान की मौत के मामले बढ़ सकती है कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की मुश्किलें l

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उत्तराखंड विशेष:-


शक्तिमान पर हमले के बाद मौत मामले में कैबिनेट मंत्री व मसूरी विधायक गणेश जोशी की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। सीजेएम कोर्ट से बरी होने के आदेश को चुनाव से ठीक पहले उत्तराखंड हाई कोर्ट में चुनौती मिली है। आज हाई कोर्ट ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद गणेश जोशी के साथ सरकार सचिव गृह अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया है और कोर्ट अब इस मामले में शीतकालीन अवकाश के बाद सुनवाई करेगा।

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आपको बता दे कि 14 मार्च 2016 में विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की लाठी से गणेश जोशी ने शक्तिमान घोड़े पर हमला किया जिसमे शक्तिमान घोड़ा घायल हो गया और एक महीने बाद घोड़े की मौत हो गयी।

दरअसल विधान सभा घेराव के दौरान हुई इस घटना इस में पुलिस ने 23 अप्रैल 2016 को गणेश जोशी को आरोपी बनाया और देहरादून नेहरू थाने में धारा 147,148, 188, 233, 353, 429 समेत पशु क्रूरता अधिनियम के साथ अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और 16 मई 2016 को चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी गयी l

यह भी पढ़ें -  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित स्वर्गीय हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खण्डूड़ी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इसी बीच सरकार बदली तो सरकार ने सीजेएम कोर्ट देहरादून में केस वापस लेने का प्रार्थना पत्र दाखिल किया जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने 23 सितंबर 2021 को इस मामले में गणेश जोशी को बरी कर दिया। निचली अदालत के इस फैसले को अब पिथौरागढ़ के एनिमल लवर और 1971 भारत पाकिस्तान जंग के घायल सिपाही एच एस बिष्ट ने हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए केस को ओपन करने की मांग की है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढ़ें -  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आम जनता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं,उपस्थित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

बाइट – सुहास रत्न जोशी, अधिवक्ता याचिकाकर्ता

नोट – विज़ुअल में हाईकोर्ट के फुटेज इस्तेमाल करे

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