30 दिन में इसी सत्र से प्रारंभ होगा केंद्रीय विद्यालय कोटद्वार : ऋतु खण्डूडी भूषण।

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, कोटद्वार 12 जून 2025। कोटद्वार क्षेत्रवासियों के लिए आज एक ऐतिहासिक एवं अत्यंत हर्ष का दिन रहा, जब वर्षों से प्रतीक्षित केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति की घोषणा उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूडी भूषण द्वारा की गई। इस अवसर पर उन्होंने समस्त कोटद्वार और भाबर क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि –
“कोटद्वार वासियों का केंद्रीय विद्यालय का सपना आज साकार हुआ है। यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।”

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कोटद्वार की पहचान हमेशा से अग्रणी रही है, और केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से यहां के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के बच्चों को भी राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्राप्त होगी।

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उन्होंने बताया कि –
“विगत तीन वर्षों से मैं इस विद्यालय की स्वीकृति के लिए लगातार प्रयासरत रही। शासन स्तर पर फाइल स्वीकृति की प्रक्रिया में थी, जिसमें अब सफलता प्राप्त हुई है। यह सौगात केवल मेरा नहीं, कोटद्वारवासियों के सामूहिक प्रयासों एवं आशीर्वाद का परिणाम है। पूर्व में भी कई जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों द्वारा इसके लिए कार्य किया गया है, मैं उन सभी का सम्मान करती हूं।”

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केंद्रीय विद्यालय की स्थापना मगनपुर, किशनपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के भवन में की जाएगी। भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण पहले ही सुनिश्चित किया जा चुका है। विद्यालय में प्रारंभिक रूप से कक्षा 1 से 5 तक की प्रवेश प्रक्रिया आगामी 30 दिनों के भीतर पूर्ण कर, इसी शैक्षणिक सत्र से संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।

ऋतु खण्डूडी भूषण ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का , गढ़वाल सांसद श्री अनिल बलूनी, उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, तथा केंद्रीय विद्यालय संगठन से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का हृदय से आभार व धन्यवाद प्रकट किया।

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उन्होंने इसे कोटद्वार की आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐतिहासिक उपहार बताया और सभी क्षेत्रवासियों से आग्रह किया कि वे इस पहल में सहयोग दें ताकि यह विद्यालय आने वाले समय में एक उत्कृष्ट शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित हो सके।

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