दुग्गड़ा क्षेत्र के जमरगड्डी का पूरा गांव विस्थापित करने की सन 1984 से कर रहा मांग, 8 अगस्त को आई आपदा ने पूरा गांव किया तहस नहस।

यमकेश्वर/दुग्गड़ा। यमकेश्वर विधानसभा के गांव जमरगड्डी में इस बार आई भारी आपदा ने कोटद्वार ही नहीं दुगड्डा,यमकेश्वर में किस प्रकार से तहस नहस कर दिया है वही अगर बात की जाए यमकेश्वर विधानसभा के ब्लॉक दुगड्डा के पास बसा सबसे पहला गांव जमरगड्डी की तो इस बार हुई भारी बारिश ने गांव जमरगड्डी के लिए एक अभिशाप बन कर बरसी बीते 8 अगस्त की रात्रि करीब 8 बजे के आस पास यहाँ बादल फटने से काफी लेंड स्लाइड हुई और यहाँ बसे 600 लोग इस आपदा से प्रभावित हुए है…




वही गांव वाशियों का कहना है की हम सरकार से 1984 से हम लगातार यहाँ से विस्थापित की मांग करते आ रहे है पर सरकार ने अभी तक हमारी कोई बात नहीं सुनी है हम लगातार विस्थापित की मांग करते आये है वही 8 अगस्त को बादल फटने से यहाँ के लोगों को काफी नुकसान हुआ है और यहाँ बनी तीन पुलिया जो की यहाँ के तीन गावों को जोड़ती थी वो तक पूरी तरह से क्षति ग्रस्त हों गई है और बहुत लोगों के मकान भी काफी क्षति ग्रस्त हुए है लोगों की कई बीघा जमीन इस भारी बारिश से आई आपदा में बह गई है लोगों का कहना है की हमें अब हर वक़्त डर का भय बना हुआ रहता है की कब क्या हों जाए पता नहीं जिन लोगों का घर क्षति गस्त हुआ है वो लोग बारात घर और स्कूल में रहने को मजबूर है वही सभी गांव वाले एक ही सुर में कह रहे है हमको मुआवजा नहीं चाहिए हमको यहाँ से सरकार कहीं और विस्थापित करें,यहाँ हम जिन्दा है या मर गए अभी तक ना या स्थानीय विधायक पहुंची ना ब्लॉक प्रमुख ना ही क्षेत्र पंचायत सदस्य पहुचे है लोगों का कहना है की यहाँ की पटवारी संगीता राज लगातार यहाँ के लोगों से संपर्क साधी हुई है और लगातार गांव गांव हमारे साथ घूम कर मौके का जाएजा लें रही है..