उत्तराखंड की विभिन्न जातियों को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग सूची में सम्मिलित करने हेतु मुख्यमंत्री से भेंट।

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देहरादून।

उत्तराखंड की विभिन्न जातियों को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग सूची में सम्मिलित करने हेतु मुख्यमंत्री से भेंट


आज उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री आदरणीय पुष्कर सिंह धामी जी से माननीय मुख्यमंत्री आवास पर उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर टिहरी जनपद की धनौल्टी विधानसभा अंतर्गत थौलधार ब्लॉक की गंगाड़ी समुदाय, प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र की फिंकवाल समुदाय, सहित उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों की अन्य पिछड़ी जातियों/समुदायों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

भेंट के दौरान उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से एक अनुरोध/प्रस्ताव माननीय मुख्यमंत्री जी को सौंपा गया, जिसमें उत्तराखंड की विभिन्न जातियों एवं समुदायों को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची में सम्मिलित किए जाने की मांग की गई। आयोग ने यह भी अनुरोध किया कि राज्य सरकार की संस्तुति के साथ यह प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया जाए, ताकि संबंधित जातियों को केंद्रीय सूची में शामिल किया जा सके।

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इसके साथ ही आयोग द्वारा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को भी औपचारिक रूप से अनुरोध पत्र भेजे जाने की जानकारी दी गई, जिससे इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।

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माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने आयोग के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र ही उक्त प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजे जाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य की वंचित एवं पिछड़ी जातियों को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

प्रस्तावित सूची में उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों की कई जातियाँ एवं समुदाय सम्मिलित हैं। यदि इन जातियों को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किया जाता है, तो उन्हें भी अन्य केंद्रीय सूची में सम्मिलित जातियों/समुदायों की भांति 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ प्राप्त हो सकेगा, जिससे शिक्षा, रोजगार एवं अन्य क्षेत्रों में सामाजिक न्याय सुनिश्चित होगा।

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इस अवसर पर आयोग के सचिव श्री गोरधन सिंह जी भी उपस्थित रहे। आयोग ने विश्वास व्यक्त किया कि शीघ्र ही इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और संबंधित जातियों को उनका न्यायोचित अधिकार प्राप्त होगा।

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