कश्मीर नरसंहार के दोषियों को कठोरतम दण्ड दो – राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

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नई दिल्ली। बुधवार, 23 मार्च 2022, आज केन्द्रीय आर्य युवक परिषद् दिल्ली की ओर से नई दिल्ली के जन्तर मन्तर पर अमर शहीद भगतसिंह, राजगुरू, सुखदेव के 91 वें बलिदान दिवस पर राष्ट्र रक्षा यज्ञ” करके “आंतकवाद विरोधी दिवस” राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य के नेतृत्व में मनाया गया…साथ ही अपनी पांच सूत्रीय

1. देश के स्वतन्त्रता सेनानियों, बलिदानियों का इतिहास / जीवन चरित्र पाठयपुस्तकों के माध्यम से नई पीढ़ी को पढ़ाया जाये जिससे वह “देश भक्त नागरिक” तैयार हो ।

  1. भारत की जेलों में बन्द आंतकवादियों से किसी भी प्रकार की कोई सहानभूति न रखी जाये तथा उन्हें अविलम्ब फांसी दी जाये ।
  2. कश्मीर से विस्थापित हिन्दुओं के पुर्नवास का कार्य सुरक्षित वातावरण में तीव्र किया जाये व नरसंहार, विस्थापन के लिये दोषी लोगो के विरूद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही की जाये ।
  3. आंतकवादियों व उनके संरक्षको को सार्वजनिक स्थान पर फांसी दी जाये, देशद्रोही के साथ दया का कोई स्थान नहीं होना चाहिये ।
  4. देश के शहीदों के स्मारक / कीर्ति स्तम्भ देश के प्रमुख स्थानों पर स्थापित किये जाये ।
    मांगों को लेकर प्रधानमन्त्री व केन्द्रीय गृहमन्त्री को ज्ञापन भेजा।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि कश्मीर नरसंहार व हिन्दुओं का विस्थापन भारतीय इतिहास की दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी, इसके लिये दोषियों को कठोरतम सजा दी जाये व कश्मीरी हिन्दुओं का सुरक्षित वातावरण में पुर्नवास सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि राष्ट्र विरोधियों के विरूद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही की जाये ।

आर्य नेत्री विमलेश बंसल दर्शनाचार्य ने “राष्ट्र रक्षा यज्ञ” करवाया व उन्होंने देश के प्रमुख स्थानों पर शहीदों के स्मारक व कीर्ति स्तम्भ स्थापित करने की मांग की।

परिषद् के महामन्त्री महेन्द्र भाई ने देश के स्वतन्त्रता सेनानियों, बलिदानियों का इतिहास / जीवन चरित्र पाठयपुस्तकों के माध्यम से नई पीढ़ी को पढ़ाया जाने का आहवान किया जिससे वह “देश भक्त नागरिक” तैयार हो सके।

कार्यक्रम अध्यक्ष डा. (कर्नल) विपिन खेड़ा ने कहा कि भारत की जेलों में बन्द आंतकवादियों से

किसी भी प्रकार की कोई सहानभूति न रखी जाये तथा उन्हें अविलम्ब फांसी दी जाये ।

राष्ट्रीय मन्त्री प्रवीन आर्य ने कहा कि आंतकवादियों व उनके संरक्षको को सार्वजनिक स्थान पर फांसी दी जाये, देशद्रोही के साथ दया का कोई स्थान नहीं होना चाहिये ।

इस मौके पर आर्य नेता मकेन्द्र कुमार (फरीदाबाद), रविदेव गुप्ता, रामकुमार सिंह, अरूण आर्य, वेदप्रकाश आर्य, सुरेश आर्य, राजेश मेहन्दीरता, गजेन्द्र चौहान, जीवनलाल आर्य, राजकुमार भण्डारी, सुन्दर शास्त्री, अमरनाथ बत्रा, भोपालसिंह आर्य, अमरसिंह सहरावत, अनुराग मिश्रा के. एल. राणा, ओम सपरा, हरभजनसिंह देयोल, देवेन्द्र भगत, माधवसिंह, शिवम मिश्रा, विम्मी अरोड़ा आदि ने भी अपने विचार रखे व शहीदों को अपनी श्रद्धाजंलि अर्पित की।

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