मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनकल्याणकारी अभियानों को मिल रही नई गति

0
IMG-20260117-WA0172
Spread the love

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनकल्याणकारी अभियानों को मिल रही नई गति

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में जनसेवा कैंपों का रिकॉर्ड, 459 कैंपों में 3.68 लाख से अधिक लोगों को मिला सीधा लाभ

जनता के द्वार तक सरकार: एक ही दिन में 7 कैंप, 11,738 नागरिकों की सक्रिय भागीदारी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल एवं संवेदनशील नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 7 जनसेवा कैंपों का आयोजन किया गया, जिनमें 11,738 नागरिकों ने प्रतिभाग कर सरकार की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त किया।

यह भी पढ़ें -  मंदिर के जंगल में गड्ढे में दबे मिले दो साधुओं के शव.

प्रदेश सरकार द्वारा अब तक आयोजित किए गए इन कैंपों की अद्यावधि कुल संख्या 459 हो चुकी है, जिनमें कुल 3,68,730 नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। यह आंकड़े मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसके तहत सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचकर समस्याओं के समाधान और योजनाओं के लाभ प्रदान कर रही है।

यह भी पढ़ें -  सावन के शुभारंभ पर 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंजा हरिद्वार, हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई कांवड़ यात्रा


इन जनसेवा कैंपों के माध्यम से आमजन को विभिन्न विभागों की योजनाओं, सेवाओं एवं सुविधाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे समय, श्रम और संसाधनों की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट संदेश है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।

यह भी पढ़ें -  वीकेंड ट्रिप बनी मातम: चकराता जाते वक्त खाई में गिरी कार, दो दोस्तों की मौत।

प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि “सरकार जनता के द्वार” की अवधारणा को भी साकार कर रही है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड निरंतर जनहित और सुशासन की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page